केजरीवाल ने पूछा- मणिपुर पर PM चुप क्यों: कहा- बेटियों की इज्जत लुटे और पिता समान प्रधानमंत्री कहे हमें मतलब नहीं तो बेटियां कहां जाएंगी

नई दिल्ली10 मिनट पहले

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अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मणिपुर में महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाया गया। लोगों ने उनके साथ गलत किया। सबने इसकी निंदा की, लेकिन PM मोदी चुप रहे। देश का PM तो पिता के समान होता है, लेकिन बेटियों की इज्जत लुट रही हो और बाप कहे कि हमें इससे कोई लेना-देना नहीं, तो बेटियां कहां जाएंगी।

मणिपुर में लोग मर रहे थे, घर जलाए जा रहे थे। महिलाओं के साथ गलत हो रहा था। नूंह में हिंसा हो रही थी, तब PM अपने कमरे में कुंडी लगाकर बैठ गए। रेसलर्स ने न्याय मांगा, PM चुप हो गए। चीन के मुद्दे पर भी वो चुप हो गए। अडाणी मामले में वे चुप हैं। बीते 9 साल में जब भी देश में आपदा आई तो PM चुप हो गए और कुंडी लागकर कमरे में बैठ गए। पूरा देश पूछ रहा है कि आखिर PM चुप क्यों हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने गुरुवार को विधानसभा में स्पीच देते हुए ये बातें कहीं।

केजरीवाल की स्पीच की बड़ी बातें…

मणिपुर पर PM ने शांति की अपील भी नहीं की
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज हम सब यहां मणिपुर पर चर्चा कर रहे हैं। मणिपुर में जो घटनाएं हुईं वे दर्दनाक हैं। उससे भी ज्यादा दर्दनाक यह है कि भाजपा के विधायक सदन छोड़कर चले गए हैं और चैनलों पर बाइट देकर कह रहे हैं कि मणिपुर से उनका कोई लेना देना नहीं है। मणिपुर उनके लिए कोई विषय नहीं है। मणिपुर के लोग भी यह देख रहे हैं, उन्हें कितनी तकलीफ हुई होगी।

ये सिर्फ भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेता नहीं कह रहे बल्कि ऊपर से नीचे तक सारी सरकारें और उनके नेता पीएम मोदी का संदेश है कि मणिपुर से उनका कोई लेना देना नहीं है। मणिपुर में 90 दिनों के भीतर (3 मई से 31 जुलाई तक) 6500 FIR हो गईं। 4 हजार लोगों के घर जला दिए गए, 60 हजार लोग बेघर हो गए, लेकिन PM चुप रहे। उन्होंने लोगों से शांति की अपील भी नहीं की।

रेसलर्स के मुद्दे पर भी PM चुप हैं
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि ये पहली बार नहीं है, बीते 9 साल में जब भी देश में आपदा आई PM चुप हो गए, कमरे में कुंडी मारकर बैठ गए। PM कहीं दिखाई नहीं दिए। पिछले दिनों जंतर मंतर पर रेसलर्स धरने पर बैठी थीं। उन्होंने WFI के अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे। जब वे मेडल जीतकर आईं थी तो PM ने कहा था कि तुम मेरी बेटी हो कल कोई दिक्कत होगी तो मेरे पास आ जाना। जब उन महिला पहलवानों ने कहा कि हमारे साथ गलत हुआ तो PM ने चुप्पी साध ली।

कम से कम इतना तो कह देते कि बेटा चिंता न करो मैं हूं। जांच कराऊंगा दोषियों को सजा दिलवाउंगा। मणिपुर के मुद्दे पर वे शांति की अपील ही कर देते, लेकिन वे घर में कुंडी मारकर बैठ जाते। पहलवानों से वे दो शब्द कह देते कि बेटा चिंता न करो जिसने तुम्हारे साथ गलत किया है मैं उसे छोड़ूंगा नहीं, लेकिन उन्होंने क्या किया। उन्हें सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा, ऐसे पीएम हैं।

PM के मुंह से चाइना शब्द नहीं निकलता
केजरीवाल ने कहा कि पिछले 9 साल से चीन हमें आंख दिखा रहा है, PM चुप है उनका मुंह बंद है। उनके मुंह से चाइना शब्द नहीं निकलता। अक्टूबर 2019 में चीन के राष्ट्रपति इंडिया आए थे। महाबलेश्वर में PM मोदी उनके हाथों में हाथ लेकर घूम रहे थे। 15 जून 2020 को गलवान घाटी में चीन की फौज ने हम पर हमला कर हमारे 20 सैनिकों को शहीद कर दिया। 2 हजार स्कावर किलोमीटर का एरिया कब्जा कर लिए, PM चुप रहे।

अफवाहें हैं कि कुछ लोगों का दावा है कि कोई डील है और उन्होंने चीन को 2 हजार स्कावर किलोमीटर का एरिया उन्हें दे दिया है। सबसे शर्मनाक बयान जनवरी के महीने में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दिया। उन्होंने कहा कि चाइना हमसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, मैं क्या करूं। छोटी अर्थव्यस्था होने के बाद भी क्या मैं बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश से लड़ूं। चीन हमारी जमीन पर कब्जा कर रही है, लेकिन भारत की सरकार उन्हें इनाम दे रही है। भारत सरकार ने चीन से व्यापार बढ़ा दिया है।

मोदी सरकार में 13 लाख करोड़ कर्ज अरबपतियों को दिया
अडाणी मामले में वे चुप हैं। बीते 9 साल में जब भी देश में आपदा आई तो PM चुप हो गए और कुंडी लगाकर कमरे में बैठ गए। पिछले 9 साल में बैंकों से 13 लाख करोड़ रुपए का कर्ज कुछ अरबपतियों को दिया गया। नीरव मोदी को भगा दिया, मेहुल चोकसी भाग गया, ललित मोदी को भगा दिया, विजय माल्या को भगा दिया। देश जानना चाहता है कि पीएम का इनसे क्या रिश्ता है।

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